उत्तराखण्ड

कैबिनेट के बड़े फैसले: फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना, नए पद सृजित, बजट 2026-27 को मंजूरी

देहरादून। प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूत करने, न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज करने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य मंत्रिमंडल ने कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में कुल 32 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 28 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से काशीपुर और नैनीताल जिले के मुख्यालयों में कुल 03 अतिरिक्त फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही इन न्यायालयों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इस फैसले से लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण में मदद मिलने की उम्मीद है।
न्यायालय प्रबंधकों के 14 नए पद सृजित
न्यायालयों की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के लिए 01 और जिला न्यायालयों के लिए 13, यानी कुल 14 न्यायालय प्रबंधकों के नए पद सृजित करने पर सहमति दी है। इससे न्यायालयों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और न्यायिक कार्यों के संचालन में पारदर्शिता आएगी।
सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुधार के लिए प्रोजेक्ट यूनिट गठित
प्रदेश में बेहतर सेवा वितरण और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए विश्व बैंक के सहयोग से सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुधार परियोजना के तहत स्टीयरिंग कमेटी और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए आवश्यक पदों का सृजन भी स्वीकृत किया गया है, जिससे वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और निगरानी सुनिश्चित होगी।
जन विश्वास विधेयक 2026 को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की है। यह विधेयक शासन व्यवस्था में सुधार और प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी व जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेष शिक्षकों को नियमित नियुक्ति का रास्ता साफ
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रदेश में तदर्थ, अनुबंध, संविदा और आउटसोर्स के आधार पर कार्यरत 04 विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (एलटी) विशेष शिक्षा शिक्षक के पदों पर नियमित नियुक्ति देने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इससे लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को स्थायित्व मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बजट 2026-27 को मंजूरी, मुख्यमंत्री को संशोधन का अधिकार
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि बैठक में आगामी विधानसभा बजट सत्र में पेश किए जाने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को भी मंजूरी प्रदान की गई है। साथ ही बजट में आवश्यक संशोधन संबंधी निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।
सरकार के इन फैसलों को प्रदेश में न्यायिक सुधार, प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन निर्णयों से न्यायिक व्यवस्था में तेजी आएगी, शिक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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