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शिक्षा व समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. अनुभा पुंडीर सम्मानित

हरिद्वार। शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. अनुभा पुंडीर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया है।
डॉ. अनुभा पुंडीर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा “कर्मवीर प्लेटिनम चक्र” सम्मान प्राप्त हो चुका है। इसके अतिरिक्त उन्हें SAARC द्वारा “नोबल सिटिजन अवॉर्ड” से भी सम्मानित किया गया है। 19 फरवरी 2026 को काशी हिंदी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा उन्हें “विद्यासागर” (D.Litt.) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
विगत 22 वर्षों से शैक्षणिक एवं कॉर्पोरेट क्षेत्र में सक्रिय डॉ. अनुभा पुंडीर वर्तमान में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, देहरादून के PDP विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व प्रशिक्षण तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय में उनका योगदान विशेष रूप से सराहनीय माना जाता है।
वे वयस्कों को प्राचीन वैदिक शैली पर आधारित काउंसलिंग एवं कोचिंग भी प्रदान करती हैं। उनका मार्गदर्शन भारतीय ज्ञान प्रणाली, ध्यान, मंत्रचिंतन एवं मूल्य-आधारित जीवन पद्धति पर आधारित है, जो मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
योग, यज्ञ एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने वाली डॉ. अनुभा पुंडीर योगिक नृत्य के क्षेत्र में भी विशिष्ट पहचान रखती हैं। एक साधिका के रूप में वे “झोला वुमन” नाम से जानी जाती हैं तथा देश के 16 राज्यों में अपने सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक योगदान के लिए सम्मानित हो चुकी हैं।
देश-विदेश के विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक मंचों पर सक्रिय सहभागिता निभाते हुए उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, मूल्य-आधारित शिक्षा और समाजोपयोगी शिक्षण पद्धति को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शिक्षा जगत के प्रबुद्धजनों ने उनकी उपलब्धियों को प्रदेश और राष्ट्र के लिए गौरवपूर्ण बताया है।

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