वहीं एमडीडीए क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। देहरादून मालसी-मसूरी रोड, स्थित आर्यन चौधरी द्वारा किए गए अवैध निर्माण, संदीप खुराना एवं मनीष खुराना द्वारा किये गये अवैध निर्माण के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। इस पूरी कार्रवाई में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशानुसार सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, संबंधित सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में विधिवत रूप से पूर्ण की गई।
इसके साथ ही अतिरिक्त देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी रोड स्थित यामीन एवं आमीर द्वारा अवैध व्यवसायिक निर्माण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सील किया गया। यह कार्रवाई भी संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर सहायक अभियंता निशान्त कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप, नेहा एवं सुपरवाइजर की मौजूदगी में नियमानुसार संपन्न की गई।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियोजित विकास एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहस्त्रधारा रोड, मालशी-मसूरी रोड तथा ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आम नागरिकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व एमडीडीए से स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। एमडीडीए का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि नियमों के अनुरूप सुरक्षित और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई पूर्ण पारदर्शिता और नियमों के तहत की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी टीमों द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाता है, तत्पश्चात नियमानुसार सीलिंग अथवा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी प्रवर्तन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।