उत्तरप्रदेश

अमेठी में लापता किशोरी का बाग में मिला कंकाल, मां ने कपड़ों से की पहचान, हत्या की आशंका

अमेठी ।  अमेठी के पूरे राजा पश्चिमी मजरे निगोहा की महिमा (16) का कंकाल सोमवार रात गांव के पास बाग में मिला। वह आठ अक्तूबर से लापता थी। महिमा की मां सुशीला ने कंकाल के पास मिले कपड़ों से उसकी पहचान की और हत्या की आशंका जताई।

पुलिस ने वारदात की तहकीकात संग डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। किशोरी के गायब होने के बाद गुमशुदगी तो दर्ज हुई, लेकिन उसकी संजीदगी से खोजबीन नहीं की गई, इसको लेकर पुलिसिंग पर सवाल उठ रहे हैं। महिमा के घर से बाग तक की दूरी करीब 300 मीटर होगी।

मेले लौटने पर घर नहीं मिली 

सुशीला ने बताया कि आठ अक्तूबर को महिमा को घर पर अकेला छोड़कर वह पति व दोनों बच्चों के साथ मेला देखने फुरसतगंज गई थी। देर शाम जब सभी वापस घर आए तो महिमा नहीं मिली। उसकी काफी खोजबीन की गई। 11 अक्तूबर को फुरसतगंज थाने में महिमा की गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

उन्होंने बताया कि सोमवार को वह शौच के लिए गांव के बाहर गई थीं, तभी उनकी नजर बाग में पड़े कंकाल और उसके पास पड़े कपड़ों पर गई। कपड़े पहचान में आने पर उन्होंने तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी। उनका कहना है कि कंकाल के पास मिले कपड़े और बाल महिमा के हैं। उसकी हत्या की गई है। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

कंकाल मिलने के बाद फील्ड यूनिट की टीम रात में ही मौके पर पहुंची। टीम ने कंकाल, कपड़े और अन्य सामग्री एकत्र कर सील कर दिया। अवशेषों को पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेजा गया। थाना प्रभारी नंद हौसिला यादव ने बताया कि अवशेषों को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट का इंतजार है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। उधर, बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश कमल ने पीड़ित परिवार से मिलकर ढांढस बंधाया और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कई सवाल अनुत्तरित

महिमा का गांव के पास ही कंकाल मिलना कई सवाल खड़े करता है। महिमा के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। आठ अक्तूबर से लापता किशोरी के साथ क्या हुआ। इतने दिनों तक गांव के पास शव पड़ा रहा तो किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी। क्या उसकी हत्या की गई। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने गांव जाकर क्या जांच की। आसपास खेत व बाग खंगाले की नहीं। इस तरह के सवाल लोग करते मिले, जिनके जवाब मिलने बाकी हैं।

इकलौती बेटी के लिए बिलख रही मां

महिमा का क्षत-विक्षत कंकाल मिलने के बाद मां सुशीला बार-बार बिलख रही हैं। रोते हुए कहती हैं कि पता होता तो मेले में न जाने देती। बेटी ने किसी का क्या बिगाड़ा था जो उसकी जान ले ली गई। आरुष और आर्यांश भी बहन की मौत से रो रहे हैं। फूलचंद भी बेटी की मौत से गमगीन है। रिश्तेदार और ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।

गहनता से हो रही जांच

पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि हत्या संबंधी तहरीर अभी नहीं मिली है। पहले ये स्पष्ट करना जरूरी है कि कंकाल महिमा का है या नहीं। डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहनता से जांच कराई जा रही है।

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