उत्तराखण्डकरिअर

उत्तराखंड में प्रशासनिक फेरबदल, 4 IAS, 2 PCS और 11 अधिकारियों के तबादले

देहरादून । उत्तराखंड की धामी सरकार ने एक बार फिर बड़े प्रशासनिक फेरबदल का फैसला लिया है। राज्य सरकार ने रविवार को 4 आईएएस, 2 पीसीएस और सचिवालय सेवा के 11 अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विभागीय कामकाज को मजबूती देने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

अहमद इकबाल को मिला आवास विभाग

इस बदलाव में सबसे अहम नाम IAS अहमद इकबाल का है। वे अब तक ऊर्जा विभाग में अपर सचिव के रूप में कार्यरत थे, लेकिन अब उन्हें आवास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। वहीं दूसरी ओर, IAS अधिकारी रंजना राजगुरु से बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। उनके स्थान पर अब नए अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। इस फैसले को विभाग के भीतर नई ऊर्जा और दृष्टिकोण लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

अनुराधा पाल और नरेंद्र भंडारी को जिम्मेदारियां

IAS अनुराधा पाल, जो पहले से ही आबकारी विभाग की आयुक्त हैं, अब उन्हें अपर सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। यह कदम विभागीय तालमेल और प्रभावी नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी प्रकार IAS नरेंद्र सिंह भंडारी को भी अब कौशल विकास विभाग में अपर सचिव की नई जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे विभाग के भीतर समन्वय बेहतर होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी।

PCS अधिकारियों में भी किया गया बदलाव

सिर्फ IAS ही नहीं, PCS अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है। PCS अधिकारी लाल सिंह राणा से अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पर्यटन विकास परिषद की जिम्मेदारी हटा दी गई है। यह निर्णय प्रशासनिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है। दूसरी ओर, PCS नरेंद्र सिंह को अब कुलसचिव, आयुर्वेद विश्वविद्यालय, हर्रावाला का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। यह कदम विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में सुधार की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।

सचिवालय सेवा में भी 11 अधिकारियों के तबादले

धामी सरकार ने सचिवालय सेवा के 11 अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी फेरबदल किया है। इन तबादलों का उद्देश्य न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना है, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को भी सुनिश्चित करना है। सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य सरकार विभिन्न विभागों में गतिशीलता और कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए लगातार समीक्षा कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button