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fci गोदाम पर डीएम का छापा, अनाज के सैंपल फेल, विपणन अधिकारी का वेतन रोका, होगी सख्त कार्रवाई

बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों व जनमानस की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: डीएम 

देहरादून के गुलरघाटी(बालावाला) में है fci का गोदाम , सेना को भी होती है सप्लाई

घटिया गुणवत्ता के अलावा बोरियों में अनाज भी कम मिला

देहरादून। जन शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल ने बुधवार को गुलरघाटी (बालावाला) देहरादून में भारतीय खाद्य निगम के सेंट्रल गोदाम में औचक छापा मारा। इससे निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जांच में घटिया गुणवत्ता के अलावा बोरियों में अनाज भी कम मिला। डीएम ने वरिष्ठ विपणन अधिकारी के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के अलावा वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज खाद्य गोदाम गुलरघाटी का औचक निरीक्षण किया। गोदाम में निर्धारित मानको का पालन न होने तथा रजिस्टर मेंटेन ना होने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए वरिष्ठ विपणन अधिकारी विष्णु प्रसाद चतुर्वेदी पर प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने तथा विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।

बेस गोदाम से सिर्फ देहरादून के अलावा गढवाल मण्डल के कई जिलों में अनाज की आपूर्ति होती है। बुधवार को जिलाधिकारी गुलरघाटी स्थित अनाज गोदाम पर पंहुचे जहां डीएम के पंहुचते ही गोदाम में कार्यरत अधिकारियों/कार्मिकों में खलबली मच गई। डीएम का निरीक्षण बेहद गोपनीय था। इसलिए अधिकारी भी आनन फानन में पंहुचे । निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अनाज के सैंपल भरवाए जिसमें सैंपल फेल होने पर जिलाधिकारी ने कई कुंतल अनाज को नष्ट करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा कि बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों व जनमानस की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस प्रकार की लापरवाही करने वाले अधिकारी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान अनाज रखने के लिए मानकों के अनुसार व्यवस्था नहीं पाई गई । चूहों से अनाज की सुरक्षा के लिए चूहेदानी की व्यवस्था नहीं थी। जिस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यदि व्यवस्था नही थी तो उच्चाधिकारियों के संज्ञान में क्यों नही लाया गया यदि लाया गया है तो पत्राचार की प्रति उपलब्ध कराएं।

डीएम ने अपने सामने बोरियों का वजन कराया जिसमें उल्लिखित वजन से कम वजन पाया गया। बोरी सहित वजन 50580 किलो होना चाहिए जबकि बोरी में 50150 किलो वजन पाया गया जो की मानक से कम रहा। जिलाधिकारी ने गेहूं-चावल के मौके पर ही सैम्पल भरवाए।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह, तहसीलदार सुरेन्द्र देव, फूड सेफ्टी ऑफिसर सहित सम्बन्धित अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

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