उत्तराखण्ड

उत्तराखंड के माणा गांव में बर्फ का पहाड़ धंसा, अब तक फंसे हैं 47 मजदूर, 15 बचाए गए

बदरीनाथ। बीते दो दिन से हो रही बर्फबारी व बारिश तबाही लेकर आई। शुक्रवार की दोपहर बदरीनाथ धाम के आगे माणा में ग्लेशियर टूटने से 47 मजदूर बर्फ में दब गए। 15 को बचा लिया गया है। इन मजदूरों को माणा गांव के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देश के प्रथम गांव माणा के पास मजदूर वहां कंटेनर में सो रहे थे। इसी दौरान कंटेनर के ऊपर हिमस्खलन हो गया। भारी बर्फबारी के बीच आज सुबह कुबेर पर्वत से भारी हिमस्खलन हो गया।सीमांत गांब माणा से आगे सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। जिससे बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के 47 मजदूर इसकी चपेट में आ गए। 15 को बचा लिया गया है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त घटनास्थल पर बड़ी तादाद में प्राइवेट ठेकेदार के मजदूर काम कर रहे थे।

सचिव आपदा प्रबंधन विनोद सुमन ने बताया कि बर्फ गिरने के बाद 57 मजदूर दब गए. हालांकि 15 को बचा लिया गया है।

चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने IRS से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए रेस्क्यू कार्य करने के निर्देश दिए हैं । दुर्घटना का पता चलते ही प्रशासन और बीआरओ की टीम ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि मई में धाम के कपाट खुलेंगे।

जनपद चमोली में माणा गांव के निकट BRO द्वारा संचालित निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन की वजह से कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।

भारी बर्फबारी के चलते आईटीबीपी ने रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया है। आईटीबीपी के जवान माणा गांव में वापस अपने कैंप में लौट गए है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि जिस स्थान पर हिमस्खलन हुआ है वहां करीब आठ फीट तक बर्फ जम गई है। मौसम सामान्य होने पर फिर से रेस्क्यू चलाया जाएगा।

बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लाल माटी, नंदा घुंघटी, औली, गोरसों के साथ ही नीती और माणा घाटियों में तीन दिन से बर्फबारी हो रही है। जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फ जमा हो गई है।

क्षेत्र में मौसम खराब होने के चलते संचार सेवा ठप पड़ी है। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि एयर फोर्स से मदद मांगी जा रही है। सेना, आईटीबीपी रेस्क्यू में लगी है। एनडीआरएफ की टीम  को भी मूव कर दिया गया है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “जोशीमठ के माणा क्षेत्र में आज एक दुर्भाग्यपूर्ण हिमस्खलन हुआ है, जिससे बीआरओ का जीआरईएफ शिविर प्रभावित हुआ है। स्थिति के संबंध में सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात की। प्रशासन प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। स्थानीय सेना इकाइयों द्वारा बचाव प्रयास भी जारी हैं। सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके फंसे हुए कर्मियों को बचाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।”

गृहमंत्री अमित शाह ने चमोली में हिमस्खलन को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के संदर्भ में सीएम से बात हुई है। आईटीबीवी, डीजी एनडीआरएफ से बात हुई है। हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है। स्थानीय प्रशासन बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से लगा हुआ है। एनडीआरएफ की दो टीमें भी जल्द ही घटना स्थल पर पहुंच रही हैं।

ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है। भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं। – मुख्यमंत्री, पुष्कर सिंह धामी

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