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उत्तराखंड में मिले 143 शिक्षक बीमार, होगी अनिवार्य सेवानिवृत्ति

देहरादून। राज्य शिक्षा महानिदेशालय को मिली रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि प्रदेश में 143 शिक्षक बीमार हैं। जो रिपोर्ट दो साल में नहीं मिली वो शिक्षा महानिदेशक झरना कमठान के आदेश पर महज दो दिन में हासिल हो गई। डीजी शिक्षा ने बताया कि शारीरिक और मानसिक अस्वस्थ इन शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति की दिए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

 

रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक बीमार 100 शिक्षक देहरादून जिले के हैं। गढ़वाल मंडल के शिक्षकों की तीन अक्तूबर को स्क्रीनिंग होगी, इसके बाद शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। शिक्षा विभाग में तबादले और संबद्धता के लिए कई शिक्षक बीमार हो जाते हैं, जिससे इनके मूल विद्यालयों में छात्र- छात्राओं की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।

 

बीमार शिक्षकों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त करने के पूर्व में कई बार आदेश हो चुके हैं। शिक्षा मंत्री और शासन के आदेश के बाद भी जिलों से विभाग को इस तरह के शिक्षकों की रिपोर्ट नहीं मिली।

 

शिक्षा विभाग में बीमार शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के समय-समय पर आदेश जारी किए जाते रहे हैं। वर्ष 2002 में सबसे पहले इस आशय के आदेश हुए थे। तब से आदेश जारी होते रहे हैं। शिक्षा महानिदेशक झरना कमठान की ओर से 26 सितंबर को सभी जिलों से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की गई, जिस पर हर जिले से विभाग को शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ शिक्षकों की रिपोर्ट मिल गई है। .

 

महानिदेशक ने बताया कि प्रदेश में 142 शिक्षक और एक कर्मचारी शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ मिले हैं। इसमें प्राथमिक के 84, सहायक अध्यापक एलटी के 44, प्रवक्ता 11, एक लिपिक और तीन प्रधानाचार्य शामिल है।

गैर हाजिर शिक्षकों के खिलाफ होगी कार्रवाई
शिक्षा महानिदेशक झरना कमठान ने कहा कि अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों की वजह से शिक्षण और कार्यालय कार्य प्रभावित हो रहा है। इस तरह के शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जानी आवश्यक है। महानिदेशक ने विभाग के तीनों निदेशकों और दोनों मंडलों के अपर निदेशकों को जारी आदेश में कहा कि इस तरह के शिक्षकों और कर्मचारियों का नाम उपलब्ध कराया जाए। यह भी बताया जाए कि संबंधित शिक्षक और कर्मचारी किस विद्यालय के हैं और कब से अनुपस्थित हैं। संबंधित के खिलाफ नियुक्ति प्राधिकारी की ओर से इस पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी भी जानकारी दी जाए। यदि कार्रवाई लंबित है तो इसकी भी वजह बताई जाए

जिलों में बीमार हैं शिक्षक और कर्मचारी

बागेश्वर-3, अल्मोड़ा-2, नैनीताल- 4, चमोली-8, रुद्रप्रयाग-3, ऊधमसिंह नगर-1, पिथौरागढ़-शून्य, चंपावत-2, पौड़ी-2, देहरादून-100, उत्तरकाशी-2, हरिद्वार-13, टिहरी-3

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