उत्तराखण्डधर्म-संस्कृति

इस्लाम और कुरआन की सही तस्वीर जनता तक पहुंचाए: मुफ्ती राशिद

इमामों और उलेमाओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी 

झूठे अवतारों से सावधान रहने की जरूरत
देहरादून। वर्तमान समय में इस्लाम और कुरआन की सही शिक्षा आम जनता तक पहुंचाने की जरूरत हैं, आखरी नबी के बारे में झूटी बातों को फैलाने से रोकने में भी उलेमाओं को अपनी जिम्मेदारी को निभाना होगा। यह बात रविवार को सना मस्जिद में आयोजित कार्यकर्म में मदरसा मजा हिरूल उलूम सहारनपुर से पहुंचे मुफ्ती राशिद अहमद ने कही।
उन्होंने कहा कि पैगंबर मुहम्मद साहब आखिरी रसूल व नबी है, उनके बाद कोई नया रसूल या नबी दुनिया में नही आएगा, यही तमाम मुसलमानों का अकीदा है, अगर कोई इस अकीदे के बाहर जाकर, किसी व्यक्ति को नबी या रसूल मानता है, तो वह इस्लाम से खारिज माना जाएगा। उन्होने कहा कि कुछ असमाजिक तत्व बिहार में पैदा होने वाले शकील बिन हनीफ को ईसा मसीह और इमाम मेहदी व नया नबी कह कर प्रचारित कर रहे हैं, जबकि इमाम मेहदी भारत नही अरब में पैदा होंगे और ईसा अलेहीस्सलाम का जहूर दमिश्क में होगा, वही शकील बिन हनीफ बिहार के दरभंगा में पैदा हुआ है, तो वह कैसे इमाम मेहदी हो सकता है। इस लिये शकील बिन हनीफ को ईसा मसीह और इमाम मेहदी या नबी कह कर प्रचारित करना पैगंबर मुहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी है और कुरआन की शिक्षाओं के खिलाफ है। वहीं, ईसा अलेहिस्सलाम के जहूर का भी इंकार है, इस लिये जो व्यक्ति भी इस प्रकार का प्रचार करेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कराई जाएगी।
उन्होंने कहा की इमामों को चाहिए की इस्लाम की सही तस्वीर को आम किया जाय। इमाम संगठन के चीफ मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने असमाजिक तत्वों के खिलाफ एक जुट होने की अपील की। इस मौके पर शहर काजी मौलाना मौहम्मद अहमद कासमी ने कहा कि अपने इमान की हिफाजत करना हम सब पर लाजिम है, इस प्रकार की साजिश रचने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। बैठक में मुफ्ती हुजेफा क़ासमी, मुफ्ती नाजिम अशरफ नदवी, मौलाना गुलशेर क़ासमी, मौलाना अब्दुल मन्नान, मुफ्ती अयाज़ अहमद, मौलाना एजाज़ क़ासमी, मुफ्ती बुरहान रब्बानी क़ासमी, मास्टर अब्दुल सत्तार, मुफ्ती रागिब क़ासमी, मौलाना अब्दुल वाजिद, मुफ्ती नसीम क़ासमी, कारी एहसान, मौलाना हाशिम उमर, तौसीफ खान, मौलाना एहतेशाम क़ासमी, कारी आरिफ, मौलाना अज़मत क़ासमी, कारी अबुल फ़ज़ल, कारी रागिब, इरशाद अली, मौलाना अब्दुल कादिर, मौलाना सलमान अख्लाक, मोहम्मद शाह नज़र, खुर्शीद अहमद, कारी शाहवेज, कारी आरिफ आदि   मौजूद रहे।
मुफ्ती वासिल अध्यक्ष, मुफ्ती बुरहान महासचिव
देहरादून। पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी एवं शकील बिन हनीफ को ईसा मसीह और इमाम मेहदी या नबी कह कर प्रचारित करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए मुफ्ती मौलाना राशिद मजाहिरी ने ट्रेनिंग दी। उन्होंने इस्लाम, शरीयत और तहफ्फुज ए खत्म ए नबुवत के बारे में आने वाली परेशानियों का कैसे सामना एवं समाधान करें, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। मजलिस तहफ्फुज ए खत्म ए नबुवत की महानगर कार्यकारिणी का गठन भी हुआ। जिसमें मुफ्ती वासिल क़ासमी को अध्यक्ष, मौलाना एजाज को उपाध्यक्ष, मुफ्ती बुरहान रब्बानी को महासचिव, मौलाना अब्दुल मन्नान को कोषाध्यक्ष, सचिव मौलाना गुलशेर, सदस्य मुफ्ती अयाज, मुफ्ती नसीम, मौलाना एहतेशाम, कारी अब्दुल समद, मुफ्ती रागिब, मौलाना रागिब आदि बनाए गए।

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