
देहरादून। देश भर में चल रही खत्मे नबुवत्त क्विज प्रतियोगिता का आयोजन देहरादून में भी किया गया।
रविवार को मदरसा महदे अनवर कारगी में आयोजित क्विज प्रतियोगिता के सफल छात्रों को नवाज़ा गया।
इस मौके पर मिशन के संरक्षण कारी जिया-उर-रहमान फारूकी ने आखरी पैगंबर मुहम्मद साहब के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला।
उन्होने कहा की इस दौर में नये-नये लोग अपने आप को पैग़म्बर बता रहें है, जबकि मुहम्मद साहब आखरी नबी हैं, उनके बाद कोई नबी या रसूल नही आने वाला। वर्तमान युग में, हर दिन नए प्रलोभन के साथ कुछ लोग उभर रहे हैं और मुस्लिमों को अपना शिकार बना रहे हैं।
जिला हरद्वार के अध्यक्ष मौलाना गुलशन कासमी ने खतमान नबूबत के विश्वास पर व्यापक चर्चा की और खतमान के विश्वास को विस्तार से बताया।
उत्तर प्रदेश प्रांत से आये उत्तरी भारत के अध्यक्ष कारी मुहम्मद आरिफ कासमी ने व्यापक व्याख्यान देते हुए विद्वानों के समुदाय का ध्यान इस महान मिशन पर आकर काम करने के लिए आकर्षित किया।
मौलाना मुफ्ती सरफराज अहमद नदवी ने आस्थाओं पर विस्तार से भाषण दिया और वर्तमान युग में बढ़ रहे मिथ्या संप्रदाय से सावधान कराया। मौलाना अब्दुल मनान की दुआ के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। इस मौके पर जमीअत उलेमा देहरादून के महासचिव मौलाना एहतशाम, मौलाना अमानतुल्लाह, मुफ्ती मुहम्मद इजाज, मास्टर अब्दुल सत्तार, मौलाना हाशिम, मुफ्ती जियाउल हक, मौलाना असद, मौलाना आमिर, मुफ़्ती बुरहानुद्दीन आदि मौजूद रहे। महदे नूर के मॉडरेटर कारी सादिक अज़ीज़ी ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।



