उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी: सफेद चादर में लिपटे पहाड़, चकराता से मुखबा तक दिखा खूबसूरत नज़ारा, झूमे सैलानी

देहरादून । उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलते ही पहाड़ों पर बर्फबारी के खूबसूरत नजारे सामने आने लगे हैं। बर्फबारी ने ऊंचाई वाले इलाकों को सफेद चादर में ढक दिया है। चकराता से लेकर गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा तक बर्फ गिरने से ठंड बढ़ी है। इसी के साथ पर्यटन स्थलों पर उत्साह और रौनक लौट आई है।
लंबे इंतजार के बाद प्रदेश में आज शुक्रवार को आखिरकार मौसम ने करवट ली। चकराता में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। लोखंडी, आसमाड़, खड़म्बा, देवबन, मशक, कोटी कंसार और मुंडोई सहित आसपास की ऊंची पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर में ढक गई हैं।

उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सीजन की पहली बर्फबारी देखने को मिली है. रविवार रात और सोमवार सुबह चकराता, हर्षिल और यमुनोत्री समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों के चेहरे खिल उठे. इसके अलावा, केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, मद्महेश्वर, माणा, घस्तोली और बाड़ाहोती में भी बर्फबारी हुई है.

पश्चिमी विक्षोभ ने बदला मौसम का मिजाज
देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह ने बताया कि उत्तराखंड में रविवार से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में यह बदलाव हुआ. 8 और 9 दिसंबर को मैदानों से लेकर पहाड़ों तक बारिश और बर्फबारी ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई. डॉ. बिक्रम सिंह के मुताबिक, इस बदलाव से राज्य का अधिकतम तापमान तीन से पांच डिग्री तक गिर सकता है, जिससे सर्दी और बढ़ने की संभावना है.

चकराता और लोखंडी में जश्न का माहौल
जौनसार-बावर के चकराता और लोखंडी में सीजन का पहला हिमपात होने से स्थानीय लोग, होटल व्यवसायी और किसान बेहद खुश हैं. लोखंडी में बर्फबारी के साथ ही चकराता की छावनी बाजार में भी देर रात से हिमपात जारी रहा. स्थानीय लोगों को आशा है कि अब पर्यटक बड़ी संख्या में यहां बर्फबारी देखने पहुंचेंगे, जिससे उन्हें फायदा होगा.

गंगोत्री-यमुनोत्री घाटी में सर्दी का स्वागत
गंगोत्री, यमुनोत्री और हर्षिल घाटी में भी बर्फबारी ने सर्दी के आने का ऐलान कर दिया है. बर्फ से ढकी वादियों ने न सिर्फ पर्यटकों को आकर्षित किया, बल्कि स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी रफ्तार दी है. मौसम विभाग ने 8 और 9 दिसंबर को पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और मैदानों में हल्की बारिश का अनुमान जताया था, जो सच साबित हुआ.

विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से राज्य में आने वाले दिनों में भी ठंड बढ़ने की संभावना है. उत्तराखंड के इन बर्फीले नजारों ने जहां पर्यटकों को रोमांचित किया है, वहीं स्थानीय किसानों के लिए यह उम्मीद की नई किरण लेकर आया है. आगे भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की उम्मीद है.

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