सुभाषचंद्र बोस की प्रपौत्री राजश्री को वाराणसी ले गई पुलिस, प्रयागराज में किया था नजरबंद

प्रयागराज। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री राजश्री चौधरी बोस को सोमवार को वाराणसी पुलिस की एक टीम लेकर चली गई। इससे पहले राजश्री करीब 28 घंटे पुलिस की निगहबानी में रहीं। रविवार को उन्हें वंदे भारत ट्रेन से उतारकर पुलिस लाइन स्थित गेस्ट हाउस लाया गया था।
वाराणसी में विश्व हिंदू सेना ने ज्ञानवापी परिसर में सावन के आखिरी सोमवार को पूजा अर्चना की घोषणा की थी। पूजा के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री राजश्री चौधरी बोस को भी आमंत्रित किया गया था। वह रविवार को वंदे भारत ट्रेन से दिल्ली से वाराणसी के लिए चलीं थीं लेकिन उन्हें प्रयागराज पुलिस ने जंक्शन पर उतार लिया। उन्हें पुलिस लाइन स्थित गेस्ट हाउस में रखा गया था।
एसएसपी शैलेश पांडेय के मुताबिक उन्हें समझाया गया कि इस कार्यक्रम में शरीक होने से उनकी बदनामी होगी। उनसे गुजारिश की गई कि सोमवार को विवाद खत्म होने के बाद वह वाराणसी जाएं। पुलिस के समझाने पर वह मान गईं। उधर, वाराणसी पुलिस की एक टीम रविवार को ही यहां पहुंच गई थी।
सीओ पंचम आस्था जायसवाल को नेताजी की प्रपौत्री के साथ लगाया गया था। पुलिस लाइन गेस्ट हाउस के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। किसी को भी राजश्री चौधरी से नहीं मिलने दिया गया। यहां तक कि मीडियाकर्मियों को भी दूर रखा गया। शाम को करीब चार बजे पुलिस की एक टीम के साथ वह वाराणसी चली गईं।




