Saturday , April 20 2019
Home / उत्तराखण्ड / उत्तराखंड बजट सत्र : जहरीली शराब कांड पर विपक्ष का हंगामा, किया बहिष्कार
governordd(1)

उत्तराखंड बजट सत्र : जहरीली शराब कांड पर विपक्ष का हंगामा, किया बहिष्कार

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र पहले दिन विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ही जहरीली शराब कांड को लेकर जमकर हंगामा करते हुए सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर डाली। कांग्रेस विधायक बहिष्कार कर बाहर चले गए और विधानसभा की सीढ़ियों पर धरने पर बैठ गए। हंगामे के बीच ही राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया। इसके बाद अध्यक्ष ने तीन बजे तक सदन को स्थगित कर दिया।

पहली बार अभिभाषण के लिए विधानसभा पहुंची राज्यपाल बेबी रानी मोर्या को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। विधानसभा में राष्ट्रीय गान शुरू होने के बाद जैसे ही राज्यपाल ने अभिभाषण शुरू किया तो विपक्ष ने हंगामा कर दिया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृद्येश ने आपत्ति जताई की सुबह ग्याह बजे से पहले सदन कैसे शुरू कर दिया गया। राज्यपाल का अभिभाषण करीब 10.55 पर शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि इसका संज्ञान लेकर सरकार को जवाब देना होगा।

राज्यपाल का अभिभाषण चल रहा था कि विपक्ष हंगामा करते हुए वेल में पहुंच गया। विपक्ष का कहना था कि जहरीली शराब कांड में फंसी सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए। इस बीच हंगामे के दौरान भी राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जनसामान्य की सुविधा के लिए  वेबसाइट बनाई गई। राज्य के नियोजित विकास के लिए विजन 2030 तैयार किया गया है। उत्तराखंड राज्य के आर्थिक विकास में उधोग क्षेत्र का मेहत्वपूर्ण योगदान है। भारतीय सेना एवम अर्धसैनिक बलों के शहीद सैनिकों के आश्रितो को राज्याधीन सेवाओं में नौकरी देना सरकार की प्राथमिकता है।

वहीं, विपक्ष के विधायक नारेबाजी करते हुए सदन का बहिष्कार कर बाहर चले गए और विधानसभा की सीढ़ियों पर धरने में बैठ गए। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सदन को अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

 

उत्तराखंड के बजट सत्र में पांच नए विधेयक सदन पटल पर रखे जा सकते हैं। उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय विधेयक सदन में पुनर्विचार को प्रस्तुत किया जाएगा। सत्र के लिए अभी तक विधायकों द्वारा 685 प्रश्न लगाए गए हैं।

ये विधेयक हो सकते हैं पेश 

-उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग धारा 3 (ख), संशोधित विधेयक, 2019 -हिमालयीय विश्वविद्यालय विधेयक, 2019

-उत्तराखंड लोक सेवा (आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण) विधेयक, 2019

-सोसायटी रजिस्ट्रीकरण (उत्तराखंड संशोधन) विधेयक, 2019

About एच बी संवाददाता

Check Also

IMG_1931-001

आईएम्एस यूनिसन यूनिवर्सिटी में ‘रूरल इकनोमिक चैलेंजेस’ पर  राष्ट्रीय सम्मलेन

देहरादून | आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में आज दो दिवसीय  राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्गाटन किया गया। सम्मलेन   ‘रूरल चैलेंजेस  इकोनॉमिक्स –  यूनियन बजट  की भूमिका  ‘ पर केंद्रित रहा । इस अवसर पर सहायकमहानिदेशक आईसीएआर डॉ कुसुमाकर शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं । इस अवसर पर डीन डॉ कल्याणी रणराजन डे चेयर रहीं और सम्मेलन के सह अध्यक्ष डॉ अजय के सिंह रहे|अतिथियों का स्वागत कुलाधिपति डॉ गुरदीप सिंह द्वारा किया गया वहीँ  डॉ कल्याणी रंगराजन ने कांफ्रेंस में भाग लेने के लियासबका आभार  व्यक्त  किया भारत भर से  इक्कीस विश्वविद्यालयों, कॉर्पोरेट और सिविल सेवकों से प्राप्त कुल 52 शोध पत्र  प्रस्तुत किए गए । इस अवसर पर बोलते हुए  मुख्य अतिथि डॉ कुसुमाकर शर्मा ने कहा, “सामाजिक नीतियां आर्थिक नीतियों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। भारत में आज के समय किसान होना बहुत आसान नहीं  है। सभी कारक अनुकूल परिस्थितियोंके खिलाफ बढ़ रहे हैं। मिट्टी की गुणवत्ता घट रही है और वैकल्पिक कारक अधिक आकर्षक होते जा रहे हैं। भारत में कृषि विकास लोप हो गया है। हमने चयनित फसलों के लिए बहुत सी फसलों की अनदेखी की है।“ उन्होंने कई सर्वेक्षण और अध्ययन भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कृषि के राज्यवार परिदृश्य पर प्रकाश डाला। सत्र की शुरुआत  …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *