Saturday , April 20 2019
Home / उत्तर प्रदेश / उ.प्र. और उत्तराखंड में जहरीली शराब से 79 की मौत, 175 लोग गिरफ्तार, 297 पर मुकदमा दर्ज
liqour_4103297_835x547-m

उ.प्र. और उत्तराखंड में जहरीली शराब से 79 की मौत, 175 लोग गिरफ्तार, 297 पर मुकदमा दर्ज

सहारनपुर हरिद्वार | उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से हुई मौतों से हड़कंप मच गया है। अबतक यूपी के सहारनपुर, कुशीनगर और उत्तराखंड में कुल 79 लोगों की मौत हो चुकी है। कई का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हरिद्वार में परोसी गई शराब में नशा बढ़ाने के लिए चूहा मारने की दवा मिलाने की आशंका है।जहरीली शराब से अकेले सहारनपुर 35 मौतें हुई हैं, जबकि 11 ने मेरठ में इलाज के दौरान दम तोड़ा। हरिद्वार में 24 और कुशीनगर में नौ मौतें हुई हैं। मरने वाले ज्यादातर वे लोग हैं, जो हरिद्वार के बालूपुर गांव में एक तेरहवीं संस्कार में शामिल होने गए थे और वहीं पर उन्होंने शराब पी थी।

सहारनपुर और कुशीनगर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान में चौबीस घण्टों के दरम्यान अवैध शराब बनाने व बेचने के मामले में कुल 297 मुकदमे दर्ज किए गए। साथ ही 175 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए इस अभियान में 9269.7 लीटर अवैध शराब और 47700 किलोग्राम अवैध शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाली कच्ची सामग्री (लहन) बरामद किया गया।

यूपी सरकार ने लापरवाही के आरोप में नागल थाना प्रभारी सहित दस पुलिसकर्मी, आबकारी विभाग के तीन निरीक्षक और दो कांस्टेबल को निलंबित किया है। जबकि उत्तराखंड सरकार ने आबकारी विभाग के 13 कर्मचारी और चार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया है। उत्तरप्रदेश पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति संभवत: 30 पाउच शराब सहारनपुर लेकर आया था। इससे मौतों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। हालांकि, इसकी पुष्टि की जा रही है।

देर रात तक चली कार्रवाई 
यूपी के मुख्य सचिव और डीजीपी ने देर रात वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी जिलाधिकारियों व पुलिस प्रमुखों से अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया। इसके बाद दर्जनों जिलों में अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई की गई।

राहत देने का प्रयास 
उत्तराखंड सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और अस्पताल में भर्ती लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यूपी सरकार पहले ही मदद का ऐलान कर चुकी है।

About एच बी संवाददाता

Check Also

IMG_1931-001

आईएम्एस यूनिसन यूनिवर्सिटी में ‘रूरल इकनोमिक चैलेंजेस’ पर  राष्ट्रीय सम्मलेन

देहरादून | आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में आज दो दिवसीय  राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्गाटन किया गया। सम्मलेन   ‘रूरल चैलेंजेस  इकोनॉमिक्स –  यूनियन बजट  की भूमिका  ‘ पर केंद्रित रहा । इस अवसर पर सहायकमहानिदेशक आईसीएआर डॉ कुसुमाकर शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं । इस अवसर पर डीन डॉ कल्याणी रणराजन डे चेयर रहीं और सम्मेलन के सह अध्यक्ष डॉ अजय के सिंह रहे|अतिथियों का स्वागत कुलाधिपति डॉ गुरदीप सिंह द्वारा किया गया वहीँ  डॉ कल्याणी रंगराजन ने कांफ्रेंस में भाग लेने के लियासबका आभार  व्यक्त  किया भारत भर से  इक्कीस विश्वविद्यालयों, कॉर्पोरेट और सिविल सेवकों से प्राप्त कुल 52 शोध पत्र  प्रस्तुत किए गए । इस अवसर पर बोलते हुए  मुख्य अतिथि डॉ कुसुमाकर शर्मा ने कहा, “सामाजिक नीतियां आर्थिक नीतियों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। भारत में आज के समय किसान होना बहुत आसान नहीं  है। सभी कारक अनुकूल परिस्थितियोंके खिलाफ बढ़ रहे हैं। मिट्टी की गुणवत्ता घट रही है और वैकल्पिक कारक अधिक आकर्षक होते जा रहे हैं। भारत में कृषि विकास लोप हो गया है। हमने चयनित फसलों के लिए बहुत सी फसलों की अनदेखी की है।“ उन्होंने कई सर्वेक्षण और अध्ययन भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कृषि के राज्यवार परिदृश्य पर प्रकाश डाला। सत्र की शुरुआत  …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *