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दिल को छू रही सोनिया की ‘पुकार’

मोहित नौटियाल, देहरादून :
वेदों में कहा गया है यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता। अर्थात जिस स्थान पर स्त्री की पूजा होती है, वहां देवता वास करते हैं। बावजूद इसके 21वीं सदी में भी नारियों को वो सम्मान नहीं मिल पा रहा है जिसकी वो हकदार हैं। भारतीय समाज में आज भी बेटियों को बोझ और अभिशाप माना जाता है। बेटियों की इस पीड़ा को उजागर करता सोनिया जोशी के गाये पुकार गीत को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। सोनिया ने इस गीत के माध्यम से भ्रूण हत्या न करने और बेटियों के साथ भेदभाव को मिटाने का संदेश दिया है।
देशभर में बेटियां हर क्षेत्र में अपने नाम का लोहा मनवा रही हैं। उच्च पदों पर आसीन होकर पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। साथ ही उन लोगों के मुंह पर तमाचा जड़ रही हैं जो बेटियों को बोझ समझते हैं। वहीं समाज में ऐसे भी लोग हैं जो आज के दौर में भी बेटियों को अभिशाप मानते हैं और दुनिया देखने से पहले ही उनकी आंखों को बंद कर देने की सोच रखते हैं।

समाज की इसी सोच को बदलने के लिए उत्तराखंड पुलिस में महिला कॉन्स्टेबल चमोली की सोनिया जोशी ने भ्रूण हत्या और बेटियों के साथ हो रहे भेदभाव पर आधारित उत्तरकाशी के अरविंद भारद्वाज की लिखी डॉक्यूमेंट्री पुकार को अपनी आवाज देकर बेटियों के इस दर्द को समाज के सामने लाने का प्रयास किया है। “तेरे प्यार—दुलार की छाया मैं भी तो चाहती थी माँ, चहक—चहक चिड़ियां सी उड़ना मैं भी तो चाहती थी माँ“ गीत की यह लाइन किसी को भी भावुक कर देने वाली हैं। इसमें रुहान भारद्वाज और अर्पित शिखर ने संगीत दिया है।

“अच्छी लेखिका भी हैं सोनिया”
बता दें कि सोनिया सामाजिक मुद्दों पर गाना गाने के साथ—साथ बहुत अच्छा लिखती भी हैं। गीत को सोशल साइट्स पर खूब पसंद किया जा रहा है। बहुत कम समय में हजारों लाइक और कॅमेंट्स मिल रहे हैं। पुलिस जैसी चुनौतीपूर्ण सेवा में रहते हुए भी सोनिया जोशी समय निकालकर अपनी आवाज से समाज को नई दिशा देने का काम रही हैं। वहीं प्रशंसक भी सोनिया की तारीफ़ करने से नहीं चूक रहे हैं। यह गाना रुहान भारद्वाज के यूट्यूब चैनल और उत्तराखंड पुलिस के ऑफिशियल पेज पर रिलीज किया गया है।
बेटियों के साथ हो रहे भेदभाव और बढ़ते महिला अपराधों पर रोकथाम को लेकर सोनिया लंबे समय से प्रयासरत है। इसी संबंध में उन्होंने अरविंद भारद्वाज से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने प्रताप सिंह, सुनील भारती, सुमन जोशी, खेमराज दिल्लगुड़ी, पूजा भारद्वाज, प्रतिभा पाठक और सिया राठौर आदि कलाकारों की मदद से पुकार डॉक्यूमेंट्री तैयार की।
arvind bhardwaj
बता दें कि अरविंद भारद्वाज इससे पहले 2013 में केदारनाथ त्रासदी में मारे गए लोगों और पहाड़ की पीड़ा को को दर्शाता ‘तुम्हें शांति दे परमात्मा’ गीत से चर्चाओं में रह चुके हैं। इस गीत ने सभी की आंखों को नम कर दिया था।
अरविंद से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके द्वारा लिखा गया पुकार गीत अगर किसी एक व्यक्ति में भी बदलाव ला सके तो उनका उद्देश्य पूरा हो जाएगा। सोनिया का कहना है कि समाज में स्त्रियों को सम्मान मिलने की बात अक्सर सुनने को मिलती हैं। सम्मान तो हर व्यक्ति को मिलना चाहिए, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, बालक हो या वृद्ध, धनी हो या निर्धन हो। समाज के भीतर आज भी महिलाओं की स्थिति दयनीय है। आज भी एक बेटी को पैदा होने से पहले ही कोख में मार दिया जाता है। इसलिए समाज को अपनी सोच बदलने की आश्यकता है।

वहीं अपनी आवाज से लोगों के दिलों में खास जगह बना चुके उत्तराखंड के युवा गायक अर्पित शिखर का कहना है कि अरविंद भारद्वाज द्वारा लिखे सुंदर गीत “पुकार” को सोनिया जोशी ने अपनी आवाज से ऊर्जावान बना दिया है। बेटियों और महिलाओं के प्रति उनकी यह सोच सराहनीय है। साथ ही उन्होंने बताया कि समाजहित में बने इस गीत में म्यूजिक देने और इस सराहनीय कार्य में सहयोग देने का अवसर मिलने से वह बहुत खुश हैं।

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