Saturday , April 20 2019
Home / खेल / क्रिकेटर सुरेश रैना की मौत की खबर अफवाह
suresh-raina_2017091210320266_650x

क्रिकेटर सुरेश रैना की मौत की खबर अफवाह

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के मध्यक्रम से बल्लेबाज सुरेश रैना इस दिनों भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं और उनकी कोशिश है को वो टीम में फिर से वापसी कर लें। जाहिर है टीम में वापसी को लेकर रैना जरूर परेशान होंगे लेकिन इन दिनों उनकी परेशानी की एक और वजह सामने आई है। दरअसल यूट्यूब पर एक वीडियो शेयर करते हुए कुछ लोगों ने एक रोड एक्सिडेंट में उनके निधन तक की बात कह दी थी। हालांकि ये महज एक अफवाह है लेकिन इसे लेकर सुरेश रैना ने ट्वीट किया और अपने फैंस को इस अफवाह को नहीं मानने की सलाह दी।

रैना ने ट्वीट किया कि पिछले कुछ वक्त से यूट्यूब पर मेरी कार एक्सिडेंट की झूठी खबर फैलाई जा रही है। इस झूठी खबर के बाद मेरा परिवार और मेरे दोस्त काफी परेशान हो गए हैं। आप सबसे मेरा निवेदान है कि इस तरह की खबरों को नजरअंदाज कर दें। भगवान की कृपा से मैं पूरी तरह से ठीक हूं। इसके अलावा जिन चैनलों ने इस तरह की अफवाह उड़ाई है उनके बारे में भी रिपोर्ट किया गया है और उम्मीद है कि उन पर भी जल्द ही सख्त कार्रवाई होगी।

About एच बी संवाददाता

Check Also

IMG_1931-001

आईएम्एस यूनिसन यूनिवर्सिटी में ‘रूरल इकनोमिक चैलेंजेस’ पर  राष्ट्रीय सम्मलेन

देहरादून | आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में आज दो दिवसीय  राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्गाटन किया गया। सम्मलेन   ‘रूरल चैलेंजेस  इकोनॉमिक्स –  यूनियन बजट  की भूमिका  ‘ पर केंद्रित रहा । इस अवसर पर सहायकमहानिदेशक आईसीएआर डॉ कुसुमाकर शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं । इस अवसर पर डीन डॉ कल्याणी रणराजन डे चेयर रहीं और सम्मेलन के सह अध्यक्ष डॉ अजय के सिंह रहे|अतिथियों का स्वागत कुलाधिपति डॉ गुरदीप सिंह द्वारा किया गया वहीँ  डॉ कल्याणी रंगराजन ने कांफ्रेंस में भाग लेने के लियासबका आभार  व्यक्त  किया भारत भर से  इक्कीस विश्वविद्यालयों, कॉर्पोरेट और सिविल सेवकों से प्राप्त कुल 52 शोध पत्र  प्रस्तुत किए गए । इस अवसर पर बोलते हुए  मुख्य अतिथि डॉ कुसुमाकर शर्मा ने कहा, “सामाजिक नीतियां आर्थिक नीतियों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। भारत में आज के समय किसान होना बहुत आसान नहीं  है। सभी कारक अनुकूल परिस्थितियोंके खिलाफ बढ़ रहे हैं। मिट्टी की गुणवत्ता घट रही है और वैकल्पिक कारक अधिक आकर्षक होते जा रहे हैं। भारत में कृषि विकास लोप हो गया है। हमने चयनित फसलों के लिए बहुत सी फसलों की अनदेखी की है।“ उन्होंने कई सर्वेक्षण और अध्ययन भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कृषि के राज्यवार परिदृश्य पर प्रकाश डाला। सत्र की शुरुआत  …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *