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रेणुका परियोजना से राज्य को होगा लाभ: मुख्यमंत्री

नई दिल्ली/देहरादून । हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराऽण्ड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के मध्य रेणुका बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। नई दिल्ली में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गड़करी की उपस्थिति में हुए इस समझौते पर उत्तराऽण्ड के मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि एमओयू होने से काफी समय से लम्बित चल रही रेणुका परियोजना की राह ऽुली है।
राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना के बनने से 6 राज्य लाभान्वित होंगे। इससे पूर्व लऽवाड़ परियोजना पर भी एमओयू किया गया था। लम्बे समय से अटकी पड़ी राष्ट्रीय परियोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गड़करी का आभार जताया।
रेणुका परियोजना (40 मे-वा-) हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद के गिरी नदी में स्थित बहुउद्देशीय परियोजना है। इस परियोजना में 148 मीटर ऊँचा रॉक फिल बांध प्रस्तावित है। परियोजना की कुल लागत रू- 4596-76 करोड़ है।
इस परियोजना के जलाशय में 514-32 एम-सी-एम जल का संग्रहण किया जा सकेगा। इस परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है, परियोजना के जल घटक का 90 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार देगी। इस परियोजना का निर्माण, परिचालन एवं अनुरक्षण हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लि- से किया जायेगा।
रेणुका परियोजना के निर्माण के बाद हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराऽण्ड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली को समझौते में निर्धारित मात्र के अनुसार जल प्राप्त होगा, जिसमें से उत्तराऽण्ड राज्य को 19-72 एम-सी-एम (कुल जल का 3-81 प्रतिशत) जल सिंचाई, घरेलू व औद्योगिक उपयोग के लिए प्राप्त होगा। इस परियोजना से संग्रहित जल बंटवारे के अलावा अन्य लाभ हिमाचल प्रदेश को होगा।
उत्तराऽण्ड जल घटक के सापेक्ष कुल 16-50 करोड़ की शेयर धनराशि दो किश्तों में देगा। वर्ष 1994 में परियोजना से प्राप्त होने वाले जल के बंटवारे को हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली के मध्य अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया था। इसके बाद ऊपरी यमुना नदी में प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं पर क्रियान्वयन की कार्यवाही वर्षों से लम्बित थी।
इस समझौता प्रपत्र में संशोधन कर अपर यमुना रिवर बोर्ड के द्वारा अप्रैल 2018 में रेणुका बहुउद्देशीय परियोजना के समझौता प्रपत्र सभी लाभान्वित राज्यों को अनुमोदन के लिए भेजा गया था। इस परियोजना के लिए उत्तराऽण्ड शासन का अनापत्ति पत्र गत वर्ष15 अक्टूबर को अपर यमुना रिवर बोर्ड को भेजा गया था। परियोजना निर्माण के बारे में सभी राज्यों से अनापत्ति प्राप्त होने के बाद शुक्रवार को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री, भारत सरकार के समक्ष हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराऽण्ड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के मध्य रेणुका बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण के लिए समझौता प्रपत्र हस्ताक्षरित किया गया।

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