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CM Photo 08 dt. 06 February, 2019

स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती को संगठित व समन्वित प्रयासों की जरूरत: सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय देहरादून में राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला एवं राज्य औषधि नियंत्रक भवन कार्यालय का शिलान्यास, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराऽण्ड के नवीन कार्यालय भवन का लोकार्पण, चिकित्सा अधिकारियों के लिए 17 ट्रांजिट हॉस्टल का शिलान्यास व राष्ट्रीय कृमि मुत्तिफ़ दिवस का राज्य स्तरीय शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक व्यापक एवं सुविधाजनक बनाने के लिए संगठित एवं समन्वित प्रयासों की जरूरत है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रें में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के बाद उत्तराऽण्ड दूसरा राज्य है जहां एनएचएम का अपना कार्यालय स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि मेरा सामाजिक दायित्व के तहत विशेषज्ञ डॉक्टर महीने में 2-3 दिन दुर्गम क्षेत्रें में जाकर अपने सेवाएं दें, तो बड़े अस्पतालों के वर्क लोड में भी कमी आयेगी व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आयेगा। उन्होंने कहा कि चमोली के पीपलकोटी व रूद्रप्रयाग के गुप्तकाशी में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा इस तरह की सेवाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐलोपैथिक व आयुर्वेदिक दवाओं के लिए लाइसेंस के लिए सिंगल विंडों सिस्टम बनाने का प्रयास किया जायेगा। देश के 20 प्रतिशत आयुर्वेदिक दवाओं का निर्यात उत्तराऽण्ड करता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद राज्य में तेजी से औद्योगीकरण हुआ। वर्तमान में प्रदेश में 300 औषधि निर्माता फर्म व 150 कॉस्मेटिक आईटम निर्माता फर्म हैं। राज्य औषधि संगठन के लिए कार्यालय भवन एवं राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित किये जाने के लिए 14 करोड़ रूपये की स्वीकृति केन्द्र सरकार से प्राप्त की गई है जिसमें से 5 करोड़ रूपये की पहली किश्त मिल गई है।
मुख्यमंत्री ने 15 बच्चों को एलबेंडाजोल की गोलियां िऽलाकर राष्ट्रीय कृमि मुत्तिफ़ दिवस का राज्य स्तरीय शुभारम्भ किया। 08 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुत्तिफ़ के छठें चरण में प्रदेश के सभी जनपदों में 1 से 19 वर्ष के 42 लाऽ बच्चों को कृमिनाशक दवा िऽलाई जायेगी। इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, उपाध्यक्ष, ग्रामीण स्वास्थ्य सलाहकार परिषद ज्ञान सिंह नेगी, सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा, मिशन निदेशक एनएचएम युगल किशोर पंत, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ- टी-सी-पंत, निदेशक एनएचएम डॉ- अंजलि नौटियाल, प्राचार्य राजकीय दून मेडिकल कालेज डॉ- आशुतोष सयाना, निदेशक मेडिकल एवं क्वालिटी आयुष्मान योजना उत्तराखण्ड डॉ- अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ दून एसके गुप्ता, सीएमएस दून अस्पताल डॉ- केके टम्टा, राज्य नोडल अधिकारी अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना डॉ- सरोज नैथानी, एनएचएम उत्तराखण्ड के अधिकारी डॉ- अमित शुक्ला, डॉ- पंकज सिंह, औषधि नियंत्रक उत्तराखण्ड ताजबर सिंह व चेयरमैन औषधि नियंत्रण निर्माण इकाई संदीप जैन सहित स्वास्थ्य विभाग व एनएचएम के अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन स्टेट आईईसी आफीसर जेसी पाण्डेय ने किया।

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