Saturday , January 19 2019
Home / टेक वर्ल्ड / बिना इंजन वाली ट्रेन भारत में 100 करोड़ में बनकर हुई तैयार, जानिए
railway_650_081216024711

बिना इंजन वाली ट्रेन भारत में 100 करोड़ में बनकर हुई तैयार, जानिए

चेन्नई। सौ करोड़ की लागत से पूरी तरह भारत में विकसित, ऊर्जा बचाने वाली व बिना इंजन की ट्रेन का रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने लोकार्पण किया। लोहानी के हरी झंडी दिखाने के बाद सफेद रंग की यह ट्रेन इंटिग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) में कुछ दूर तक चली। अधिकारी दावा करते हैं कि ट्रेन-18 नामक यह रेलगाड़ी भारतीय रेलवे के लिए गेमचेंजर साबित होगी। 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली यह रेलगाड़ी शताब्दी एक्सप्रेस का विकल्प बनेगी।

आइसीएफ के महाप्रबंधक एस मणि ने बताया कि इस ट्रेन को आधी लागत में विकसित किया गया है। इसमें 16 कोच होंगे और 1,128 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसमें अलग से पावर कार नहीं होगी। हर दूसरा कोच मोटरयुक्त होगा, जिससे उसकी गति को तेजी से बढ़ाया और घटाया जा सकेगा। इससे 20 प्रतिशत तक ऊर्जा बचेगी। यह बहुत कम कार्बन उत्सर्जित करेगी। अमूमन ऐसी ट्रेनों के विकास में 3-4 साल लग जाते हैं, लेकिन हमने सिर्फ 18 महीने में ऐसा कर दिखाया।

ट्रेन की दोनों तरफ चालकों के लिए केबिन होंगे। इस तरह इसे वापस मोड़ने में अतिरिक्त समय बर्बाद नहीं होगा। पूर्णत: वातानुकूलित इस ट्रेन में यात्री सुविधाओं और सुरक्षा का भी भरपूर ध्यान रखा गया है। ड्राइवर समेत हर कोच में सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। एक्जक्यूटिव क्लास की सीटें घुमावदार हैं, जिन्हें ट्रेन की दिशा में सेट किया जा सकता है। ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम चालक के केबिन में होगा। इसके दरवाजे पूरी तरह आटोमेटिक होंगे। यानी, ट्रेन रुकने पर ही ये खुलेंगे और चलने से पहले बंद हो जाएंगे। इसकी सीढि़यां स्वत: खुलने वाली होंगी। हर कोच में संवाद इकाई होगी, जिसके जरिये यात्री आपातकाल में क्रू सदस्यों से बात कर सकेंगे।

About एच बी संवाददाता

Check Also

भारत व ऑस्ट्रेलिया : भारत ने वनडे सीरीज जीतकर रचा इतिहास, जीत के हीरो रहे धौनी

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा वनडे मैच मेलबर्न में खेला गया। इस मैच को …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *