Saturday , April 20 2019
Home / खेल / भारतीय स्पिन ऑलराउंडर कृणाल पांड्या ने न्यूजीलैंड में रच दिया इतिहास
krunal2_18932597

भारतीय स्पिन ऑलराउंडर कृणाल पांड्या ने न्यूजीलैंड में रच दिया इतिहास

नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी 20 सीरीज में भारतीय टीम ने दूसरे मैच में मेजबान टीम को हराकर सीरीज में जोरदार वापसी की। भारतीय टीम की इस जीत में टीम के स्पिन ऑलराउंडर कृणाल पांड्या का रोल काफी अहम रहा। कृणाल ने दूसरे मैच में इतना जोरदार प्रदर्शन किया कि उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया साथ ही उन्होंने इस मैच में वो कमाल किया जो इससे पहले किसी भी भारतीय गेंदबाज ने क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में न्यूजीलैंड में नहीं किया था।

भारतीय गेंदबाज के तौर पर स्पिनर कृणाल पांड्या ने कीवी टीम के खिलाफ दूसरे मैच में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। कृणाल पांड्या के करियर का ये आठवां अंतरराष्ट्रीय टी 20 मैच था। इस मैच में उन्होंने तीन विकेट लिए और न्यूजीलैंड की धरती पर एक टी 20 मैच में दो से ज्यादा विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए। कृणाल से पहले किसी भी भारतीय गेंदबाज ने न्यूजीलैंड में क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप के मैच में दो से ज्यादा विकेट नहीं लिए थे। अब कृणाल ने एक मैच में तीन विकेट लेकर एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

कृणाल पांड्या ने इस मैच में न्यूजीलैंड के बेहतरीन बल्लेबाजों को आउट कर टीम को बैकफुट पर ला दिया। उन्होंने कोलिन मुनरो (12), कप्तान केन विलियमसन (20) और डेरेल मिचेल (01) रन पर आउट कर न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इस मैच में उन्होंने 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए। कृणाल की शानदार गेंदबाजी के लिए उन्हें मैच ऑफ द मैच भी चुना गया। हालांकि इससे पहले यानी पहले मैच में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था और उनकी काफी आलोचना भी हुई थी। पहले मैच में कीवी टीम के खिलाफ कृणाल ने चार ओवर में 37 रन देकर एक विकेट लिए थे। पहले मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा था।

About एच बी संवाददाता

Check Also

IMG_1931-001

आईएम्एस यूनिसन यूनिवर्सिटी में ‘रूरल इकनोमिक चैलेंजेस’ पर  राष्ट्रीय सम्मलेन

देहरादून | आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में आज दो दिवसीय  राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्गाटन किया गया। सम्मलेन   ‘रूरल चैलेंजेस  इकोनॉमिक्स –  यूनियन बजट  की भूमिका  ‘ पर केंद्रित रहा । इस अवसर पर सहायकमहानिदेशक आईसीएआर डॉ कुसुमाकर शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं । इस अवसर पर डीन डॉ कल्याणी रणराजन डे चेयर रहीं और सम्मेलन के सह अध्यक्ष डॉ अजय के सिंह रहे|अतिथियों का स्वागत कुलाधिपति डॉ गुरदीप सिंह द्वारा किया गया वहीँ  डॉ कल्याणी रंगराजन ने कांफ्रेंस में भाग लेने के लियासबका आभार  व्यक्त  किया भारत भर से  इक्कीस विश्वविद्यालयों, कॉर्पोरेट और सिविल सेवकों से प्राप्त कुल 52 शोध पत्र  प्रस्तुत किए गए । इस अवसर पर बोलते हुए  मुख्य अतिथि डॉ कुसुमाकर शर्मा ने कहा, “सामाजिक नीतियां आर्थिक नीतियों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। भारत में आज के समय किसान होना बहुत आसान नहीं  है। सभी कारक अनुकूल परिस्थितियोंके खिलाफ बढ़ रहे हैं। मिट्टी की गुणवत्ता घट रही है और वैकल्पिक कारक अधिक आकर्षक होते जा रहे हैं। भारत में कृषि विकास लोप हो गया है। हमने चयनित फसलों के लिए बहुत सी फसलों की अनदेखी की है।“ उन्होंने कई सर्वेक्षण और अध्ययन भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कृषि के राज्यवार परिदृश्य पर प्रकाश डाला। सत्र की शुरुआत  …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *