जयपुर । रॉबर्ट वाड्रा के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 6 दिनों में चौथी बार उनसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पूछताछ करेगी। उनसे बीकानेर के कोलायत जमीन सौदे को लेकर आज ईडी की टीम पूछताछ करेगी। जिसके लिए वह अपनी मां मौरीन वाड्रा के साथ ईडी दफ्तर पहुंच गए हैं। उन्हें छोड़ने के लिए प्रियंका गांधी पहुंची। इस दौरान लगों ने प्रियंका गांधी जिंदाबाद और चौकीदार चोर है के नारे लगाए। पूछताछ से पहले ईडी दफ्तर के बाहर राहुल-प्रियंका और वाड्रा के पोस्टर लगे हुए दिखाई दिए थे। जिसमें लिखा है- कट्टर सोच नहीं युवा जोश। जन-जन की है यही पुकार, राहुल-जी, प्रियंका जी अबकी बार।

जानकारी के अनुसार वाड्रा से पूछताछ के लिए ईडी के अधिकारियों ने 50 सवालों की सूची तैयार की है। माना जा रहा है कि पूछताछ लंबी खिंच सकती है। दिल्ली से भी कुछ अफसर पूछताछ के लिए आ सकते हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने वाड्रा को ईडी के सामने पेश होने के आदेश दिए हैं लेकिन उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। भाजपा सरकार ने जनवरी 2015 में बीकीनेर में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के विस्थापितों की 360 हेक्टेयर की जमीन के सौदे का भूमि हस्तांतरण रद्द कर दिया था।

इसी जमीन को बाद में फर्जी नामों से खरीदा गया था। इस सौदे को लेकर ईडी ने वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट के खिलाफ 2015 में मामला दर्ज किया था। ईडी की एफआईआर में सीधे तौर पर वाड्रा का नाम नहीं है लेकिन उनकी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वाड्रा की सुरक्षा में तैनात एसपीजी के कुछ अधिकारी ईडी दफ्तर पहुंच गए हैं।

क्या है पूरा मामला

यह जमीन घोटाला महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के विस्थापितों के नाम पर हुए फर्जी आवंटन से जुड़ा हुआ है। इस जमीन को फर्जी दस्तावेज बनाकर ऐसे लोगों ने अपने नाम पर आवंटित करवा लिया जो हकीकत में विस्थापित किसान नहीं थे। इसके बाद यह जमीनें बिकती गईं। रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट ने भी यहां 74.85 हेक्टेयर जमीन खरीदी और उसे ज्यादा दाम में बेच दिया।

कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने के बाद ईडी ने सितंबर 2015 में इस मामले की जांच शुरू की। मई 2016 में इस मामले को लेकर कुछ गिरफ्तारियां हुईं। जिसके बाद ईडी ने वाड्रा की कंपनी के खिलाफ नोटिस जारी किया। इस नोटिस के खिलाफ वाड्रा की कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट से जब राहत नहीं मिली तो कंपनी के अधिकारी ईडी के सामने पेश हुए।

इस मामले में गजनेर और कोलायत थानों में करीब 18 एफआईआर दर्ज हैं। ईडी ने भी कई गिरफ्तारियां कीं। जयपुर के ईडी दफ्तर ने वाड्रा को पिछले साल पेश होने के लिए सम्मन भेजा था। लेकिन वह नहीं आए। इससे पहले दिल्ली में मनी लांडरिंग और विदेशी संपत्तियों को लेकर वाड्रा से ईडी पूछताछ कर चुकी है।