हैदराबाद । हैदराबाद स्थित निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनआइएमएस) के सर्जनों ने तीन महीने पहले एक महिला का ऑपरेशन करने के दौरान उसके पेट में कैंची छोड़ दी। शनिवार को इसका पता तब चला जब पेट में तेज दर्द की शिकायत के चलते उसे अस्पताल में दोबारा भर्ती कराया गया। वहां पर एक्स-रे के दौरान उसके पेट में मेडिकल उपकरण होने का पता चला। महिला के पति की शिकायत पर ऑपरेशन करने वाले तीनों डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

मंगलाहट क्षेत्र निवासी एक महिला माहेश्वरी चौधरी (33) ने पिछले साल दो नवंबर को सरकार द्वारा संचालित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में हार्निया का ऑपरेशन कराया था। अस्पताल से आने के बाद भी उसे पेट में तेज दर्द की शिकायत रहती थी। इस पर जब उसने अस्पताल में डॉक्टरों से संपर्क किया तो वहां पर उसका फिर से एक्स-रे कराया गया। यहां पर पता चला कि डॉक्टरों ने गलती से उसके पेट में कैंची छोड़ दी है। जब इसका पता मरीज के परिजनों को चला तो उन्होंने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और पुंजागुट्टा पुलिस थाने में डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

महिला का होगा एक और ऑपरेशन

अस्पताल के निदेशक के मनोहर ने बताया कि मरीज को 31 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और तीन डॉक्टरों की टीम ने उसका ऑपरेशन किया था। मरीज को 12 नवंबर को छुट्टी दे दी गई थी। शनिवार को पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर एक्स-रे रिपोर्ट से पता चला कि उसके पेट में कैंची है। फिलहाल महिला को अब एक और ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया है। जहां पर डॉक्टरों की एक टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पेट में छूटी कैंची ने शरीर के किसी अंग को तो नुकसान नहीं पहुंचाया है।जांच के लिए तीन डॉक्टरों की टीम गठित

उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह अस्पताल के 30 सालों के इतिहास में पहला मामला है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में मेडिकल सुपरिटेंडेंट, डीन और उस्मानिया अस्पताल के सर्जन शामिल हैं।