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120 साल पुराना और दूसरा सबसे ज्यादा प्राइज मनी वाला बैडमिंटन टूर्नामेंट आज से

  • 7 करोड़ रु. प्राइज मनी है, इससे ज्यादा सिर्फ वर्ल्ड टूर फाइनल्स में ही है
  • भारत की ओर से साइना, सिंधु, श्रीकांत, प्रणय और प्रणीत चुनौती पेश करेंगे

इंग्लैंड के बर्मिंघम में आज से ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप शुरू हो रही है। इसे बैडमिंटन की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में से एक माना जाता है। 10 मार्च तक इसके मुकाबले चलेंगे। 1899 में पहली बार ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप खेली गई थी। तब से अब तक, यानी 120 साल से बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) इसका आयोजन करा रहा है। चीन के शी युकी ने मेन्स सिंगल और ताइवान की ताई जु- यिंग ने वुमन सिंगल का खिताब जीता था।

ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप बैडमिंटन की दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा प्राइज मनी वाला टूर्नामेंट है। इसकी प्राइज मनी करीब 7 करोड़ रुपए (10 लाख डॉलर) है। सिंगल्स के विजेता को करीब 50 लाख रुपए और डबल्स के विजेता को करीब 52 लाख रुपए का ईनाम मिलता है। इस बार भारत की ओर से पांच बड़े खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले रहे हैं- पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत, एचएस प्रणय और बी साईं प्रणीत। पांचवी सीड प्राप्त सिंधु भारत की टॉप सीड खिलाड़ी हैं।

1980 में प्रकाश पादुकोण ने भारत को पहला खिताब जिताया था
ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत को पहली जीत 1980 में प्रकाश पादुकोण ने दिलाई थी। इसे भारतीय बैडमिंटन इतिहास की पहली बड़ी जीत माना जाता है। प्रकाश पादुकोण की जीत को ईएसपीएन ने भारतीय खेल इतिहास के टॉप-10 लम्हों में तीसरे स्थान पर रखा था। जीत के बाद पादुकोण जब अपने होमटाउन बेंगलुरू (तब बैंगलोर) लौटे थे, तो उनका भव्य रोड-शो कराया गया था। पादुकोण ने कहा भी था कि- “मैं हैरान था, क्योंकि तब ऐसा स्वागत तो बस स्टेट गेस्ट का ही हुआ करता था।’

भारत ने 18 साल से कोई खिताब नहीं जीता है, 2001 में जीता था
भारत ने 18 साल से ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप में कोई खिताब नहीं जीता है। आखिरी बार 2001 में पुलेला गोपीचंद ने पुरुष सिंगल्स का खिताब जीता था। पिछले साल पीवी सिंधु महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उससे पहले 2015 में साइना नेहवाल भी महिला सिंगल्स के फाइनल में पहुंचकर हार गई थीं।

5 दिन में 155 मैच होंगे, पहले दिन ही 80 मैच खेले जाएंगे
5 दिन चलने वाले टूर्नामेंट में सभी इवेंट मिलाकर कुल 155 मैच होंगे। इनमें से 80 मैच तो पहले दिन ही होंगे, जिसमें राउंड ऑफ-32 के मुकाबले होंगे। भारत के शुरुआती मुकाबलों में श्रीकांत का सामना फ्रांस के ब्राइस लेवरडेज से, साईं प्रणीत का सामना हमवतन प्रणय से, साइना का सामना स्कॉटलैंड की क्रिस्टी गिलमोर से और सिंधु का सामना कोरिया की सुंग जी से होगा।

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